व्यावहारिक, प्रेरणादायक और सौंदर्यपूर्ण: HSR स्टेशन
भारत के पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के आने के साथ ही, रेलवे स्टेशनों की परिकल्पना और डिज़ाइन के तरीके में भी एक बड़ा बदलाव आने वाला है। यह कहना बिल्कुल सही होगा कि HSR की शुरुआत के साथ, जहाँ भारत में टिकाऊ परिवहन के लिए एक नई बुनियादी रीढ़ बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है, वहीं स्टेशनों के बुनियादी ढांचे को भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए उतनी ही योजना और सोच लगाई जा रही है—चाहे वह सुविधा, नेविगेशन, सहूलियतें या सौंदर्यशास्त्र के मामले में ही क्यों न हो। HSR स्टेशनों पर दुकानें, कैफ़े और रेस्टोरेंट, पार्किंग स्थल, खुदरा और व्यावसायिक केंद्र, लाउंज क्षेत्र, सामान्य सुविधा कियोस्क, एक शानदार थीम-आधारित इमारत, मल्टीमॉडल परिवहन एकीकरण की व्यवस्था, और सभी श्रेणियों के यात्रियों के लिए आधुनिक लेकिन व्यावहारिक सहूलियतें उपलब्ध होंगी—जैसे व्हीलचेयर पर निर्भर यात्रियों के लिए समर्पित पार्किंग, ब्रेल टैक्टाइल फ़्लोरिंग आदि।