प्रकाशन तिथि: 16-01-2024
अत्याधुनिक रखरखाव उपकरणों के साथ ग्रीन रोलिंग स्टॉक डिपो
मुंबई–अहमदाबाद हाई स्पीड कॉरिडोर (बुलेट ट्रेन परियोजना) को गुजरात के साबरमती और सूरत तथा महाराष्ट्र के ठाणे में स्थित तीन रोलिंग स्टॉक डिपो द्वारा संचालित किया जाएगा। इन डिपो का डिजाइन जापान के शिंकान्सेन डिपो के अनुभव के आधार पर किया जा रहा है।
NHSRCL ने महाराष्ट्र राज्य में ‘ठाणे रोलिंग स्टॉक डिपो के डिजाइन और निर्माण’ के लिए M/s दिनेशचंद्र–DMRC JV को लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस जारी किया है। इस पैकेज में सिविल कार्य, निरीक्षण शेड, मेंटेनेंस डिपो तथा रखरखाव सुविधाओं की स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग शामिल है।
ठाणे डिपो लगभग 55 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला होगा और इसमें ट्रेनसेट के रखरखाव और हल्की मरम्मत की सुविधाएं होंगी। प्रारंभ में 4 निरीक्षण लाइनें और 10 स्टेबलिंग लाइनें बनाई जाएंगी, जिन्हें भविष्य में बढ़ाकर क्रमशः 8 और 31 किया जाएगा।
लगभग 40 प्रकार की 200 से अधिक डिपो मशीनरी, जैसे बोगी एक्सचेंज मशीन, अंडरफ्लोर व्हील री-प्रोफाइलिंग मशीन, टेस्टर्स और डेटा रीडर्स, अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्टर्स, ट्रेनसेट वॉशिंग प्लांट आदि, जो शिंकान्सेन मानक के अनुसार हाई स्पीड ट्रेनसेट के रखरखाव में उपयोग होंगी, जापान से प्राप्त की जा रही हैं।
ठाणे डिपो के अलावा, गुजरात राज्य में साबरमती और सूरत में दो और डिपो निर्माणाधीन हैं। साबरमती रोलिंग स्टॉक डिपो लगभग 83 हेक्टेयर क्षेत्र में सबसे बड़ा डिपो होगा। इसमें हल्के और भारी दोनों प्रकार के रखरखाव के लिए अत्याधुनिक उपकरण जैसे निरीक्षण बे, वॉशिंग प्लांट, वर्कशॉप, शेड और स्टेबलिंग लाइनें होंगी। इसमें 10 स्टेबलिंग लाइनें होंगी जिन्हें भविष्य में बढ़ाकर 29 किया जाएगा।
साबरमती डिपो का निर्माण कार्य M/s Sojiz-L&T कंसोर्टियम को दिया गया है और 05.01.2023 से शुरू हो चुका है। प्रशासनिक भवन के लिए खुदाई कार्य पूरा हो चुका है। स्टील संरचनाओं के डिजाइन की स्वीकृति प्रक्रिया जारी है, जहां निरीक्षण बे, पिट्स और डिपो मशीनरी स्थापित की जाएगी। डिपो के लिए भूमि तैयार करने का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है।
सूरत में लगभग 40 हेक्टेयर क्षेत्र में एक और डिपो बनाया जा रहा है। यह डिपो जापान से आने वाले प्रारंभिक ट्रेनसेट प्राप्त करेगा और उनके कमीशनिंग के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
सूरत डिपो प्रस्तावित सूरत HSR स्टेशन से लगभग 2 किमी दूर स्थित है। यहां रोजाना ट्रेनसेट का निरीक्षण किया जाएगा। प्रारंभिक संचालन के दौरान यह डिपो दो ट्रेनसेट (एक निरीक्षण और एक स्टेबलिंग) को संभाल सकेगा। भविष्य में इसे बढ़ाकर दो निरीक्षण ट्रैक और चार स्टेबलिंग ट्रैक किया जाएगा। इसके अलावा, आपातकालीन मरम्मत और व्हील री-प्रोफाइलिंग सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।
सूरत डिपो का कार्य M/s L&T को दिया गया है और प्रगति पर है। स्टील शेड तैयार हो चुके हैं और फिनिशिंग कार्य जारी है। कुछ मशीनें साइट पर पहुंच चुकी हैं, जिनमें एक मशीन जापान से आई है। ट्रैक बिछाने का कार्य जल्द शुरू होगा।
डिपो में जल संसाधन प्रबंधन
MAHSR डिपो में जल संसाधन प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। साबरमती डिपो की जल आवश्यकता का अधिकांश भाग वर्षा जल संचयन और बोरवेल से प्राप्त पानी से पूरा किया जाएगा। नगर निगम के पानी पर निर्भरता बहुत कम होगी। वर्षा जल को भूमिगत टैंकों में संग्रहित कर शुद्ध किया जाएगा। सतही जल को जलाशयों में भेजकर भूजल पुनर्भरण किया जाएगा। सीवेज और अपशिष्ट जल का उपचार कर पुन: उपयोग किया जाएगा, जिससे कुल जल आवश्यकता का लगभग 70% पूरा होगा।
ठाणे डिपो में भी वर्षा जल संचयन, जल भंडारण और अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
कचरा प्रबंधन सुविधा: साबरमती और ठाणे डिपो में ट्रेन और डिपो से उत्पन्न कचरे के पृथक्करण, संपीड़न और प्रबंधन की सुविधा होगी।
ग्रीन डिपो की मुख्य विशेषताएं
- वर्तमान कार्यभार और भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखते हुए भूमि का सर्वोत्तम उपयोग
- डिपो में सुविधाओं का लेआउट कुशल कार्य प्रवाह सुनिश्चित करेगा
- कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, आरामदायक और कुशल कार्य वातावरण
- भविष्य में सोलर पैनल लगाने के लिए डिजाइन
- ध्वनि नियंत्रण, धूल नियंत्रण और उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था
- आधुनिक सामग्री प्रबंधन और भंडारण प्रणाली