नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अपने निर्माण कार्य में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। उसने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर, गुजरात के वापी के पास चेनेज 167 पर, पहला पूरी ऊंचाई वाला पियर (खंभा) बनाया है। यह कॉरिडोर 12 स्टेशनों से होकर गुजरेगा और महाराष्ट्र, दादर और नगर हवेली तथा गुजरात को आपस में जोड़ेगा।
इस कॉरिडोर पर पियर की औसत ऊंचाई लगभग 12-15 मीटर है, और इस बने हुए पियर की सटीक ऊंचाई 13.05 मीटर है, जो लगभग 4 मंजिला इमारत के बराबर है। इस पियर को बनाने में 183 क्यूबिक मीटर कंक्रीट और 18.820 मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है। लिफ्ट में विशेष शटरिंग की व्यवस्था इस कॉरिडोर की प्रमुख विशेषताओं में से एक है, जो 8 घंटे के भीतर बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करती है।
यह बड़ी निर्माण उपलब्धि, मौजूदा महामारी और क्षेत्र में चल रहे मानसून के मौसम के कारण, कर्मचारियों की भारी कमी और अन्य लॉजिस्टिक चुनौतियों के बावजूद हासिल की गई है। आने वाले महीनों में ऐसे कई और पियर बनाने की योजना है, जिससे देश के पहले हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण का रास्ता साफ होगा।
NHSRCL वह कार्यकारी संस्था है, जिसे मुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत का पहला हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का दायित्व सौंपा गया है।
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