मीडिया ब्रीफ़: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की पहाड़ी सुरंगों के लिए भारत में पहली बार टनल हुड्स लगाए गए।
प्रकाशन तिथि: Sat, 13/06/2026 - 00:00

मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में पर्वतीय सुरंगों (माउंटेन टनल) के पोर्टल पर टनल हुड लगाए जा रहे हैं। भारत में रेलवे सुरंगों के लिए इस प्रकार की टनल हुड तकनीक पहली बार डिजाइन और लागू की गई है।

मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर चुनौतीपूर्ण भूभाग से होकर गुजरता है और इसमें महाराष्ट्र में सात पर्वतीय सुरंगें तथा गुजरात में एक पर्वतीय सुरंग शामिल है। इन सभी सुरंगों के दोनों सिरों पर टनल हुड प्रदान किए जा रहे हैं।

टनल हुड की आवश्यकता क्यों है?

जब एक हाई-स्पीड ट्रेन सुरंग में प्रवेश करती है, तो वह अपने आगे बड़ी मात्रा में हवा को धकेलती है, ठीक वैसे ही जैसे सिलेंडर के अंदर पिस्टन चलता है। हवा के इस अचानक संपीड़न (Compression) से दबाव तरंगें (Pressure Waves) उत्पन्न होती हैं, जो सुरंग के भीतर यात्रा करती हैं। यदि इन्हें सही तरीके से नियंत्रित न किया जाए, तो ट्रेन के सुरंग से बाहर निकलते समय तेज धमाकेदार आवाज (Booming Noise) उत्पन्न हो सकती है।

टनल हुड खुले वातावरण और सुरंग के सीमित स्थान के बीच एक संक्रमण क्षेत्र (Transition Zone) के रूप में कार्य करता है। यह हवा को धीरे-धीरे अंदर और बाहर आने-जाने की अनुमति देकर दबाव में होने वाले बदलाव को नियंत्रित करता है और पूरे सिस्टम के एयरोडायनामिक प्रदर्शन को बेहतर बनाता है।

बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर लगाए गए टनल हुड निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं:

  • हाई-स्पीड ट्रेन के सुरंग से बाहर निकलते समय उत्पन्न टनल बूम और शोर को कम करना।
  •  आसपास के समुदायों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करना।
  •  बहुत अधिक गति से चलने वाली ट्रेनों का सुरक्षित और कुशल संचालन सुनिश्चित करना।

सरल शब्दों में, टनल हुड ट्रेन और हवा को एक-दूसरे के अनुरूप धीरे-धीरे समायोजित होने में मदद करता है, जिससे हाई-स्पीड रेल यात्रा अधिक शांत, सुगम और आरामदायक बनती है।

विशेष प्रेशर-रिलीफ ओपनिंग्स

इन टनल हुड की एक विशेषता सावधानीपूर्वक डिज़ाइन किए गए प्रेशर-रिलीफ वेंट्स या खिड़कियाँ हैं।

ये खिड़कियाँ या ओपनिंग्स ट्रेन के सुरंग में प्रवेश करने पर संपीड़ित हवा के एक हिस्से को धीरे-धीरे वातावरण में निकलने देती हैं। इससे दबाव तरंगों की तीव्रता कम होती है, टनल बूम घटता है और वायु प्रवाह अधिक सुचारु बना रहता है।

भारत में वैश्विक हाई-स्पीड रेल तकनीक का उपयोग

टनल हुड उन देशों की हाई-स्पीड रेल प्रणालियों में सामान्य विशेषता है, जहाँ बुलेट ट्रेनें 300 किमी/घंटा से अधिक गति से चलती हैं। मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में इनका उपयोग उन्नत इंजीनियरिंग समाधान और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने को दर्शाता है, ताकि सुरक्षा, आराम और पर्यावरणीय प्रदर्शन के विश्वस्तरीय मानक सुनिश्चित किए जा सकें।

पर्वतीय सुरंगों के टनल हुड का विवरण

क्र. सं. पर्वतीय सुरंग (MT) सुरंग की लंबाई टनल हुड की लंबाई खिड़कियों की संख्या
1 MT-8 (वलसाड) 350 मी प्रत्येक ओर 31 मी प्रत्येक छोर पर 20
2 MT-7 (पालघर) 417 मी प्रत्येक ओर 32 मी प्रत्येक छोर पर 20
3 MT-6 (पालघर) 454 मी प्रत्येक ओर 32 मी प्रत्येक छोर पर 20
4 MT-5 (पालघर) 1.5 किमी प्रत्येक ओर 40 मी प्रत्येक छोर पर 24
5 MT-4 + MT-3 (पालघर) 2.66 किमी प्रत्येक ओर 45 मी प्रत्येक छोर पर 26
6 MT-2 (पालघर) 228 मी प्रत्येक ओर 30 मी प्रत्येक छोर पर 20
7 MT-1 (पालघर) 820 मी प्रत्येक ओर 35 मी प्रत्येक छोर पर 22

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भारत में पहली बार मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की पहाड़ी सुरंगों के लिए टनल हुड लगाए गए हैं।
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