प्रकाशन तिथि: 09-09-2021
श्री अश्विनी वैष्णव, माननीय रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए वायाडक्ट निर्माण को तेज करने हेतु स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित फुल स्पैन लॉन्चिंग उपकरण – स्ट्रैडल कैरियर और गर्डर ट्रांसपोर्टर का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में श्री मियामोटो शिंगो, माननीय मंत्री, जापान दूतावास, श्री सुनीत शर्मा, चेयरमैन एवं सीईओ, रेलवे बोर्ड, श्री सतीश अग्निहोत्री, एमडी, एनएचएसआरसीएल, श्री अनुपम कुमार तथा श्री एस. एन. सुब्रह्मण्यन, सीईओ एवं एमडी, एलएंडटी कंस्ट्रक्शन उपस्थित थे।
सभा को संबोधित करते हुए श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देने के लिए 1100 एमटी क्षमता के फुल स्पैन लॉन्चिंग उपकरण को एम/एस लार्सन एंड टुब्रो द्वारा कांचीपुरम, चेन्नई में स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है। एलएंडटी ने 55 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के साथ साझेदारी की है। भारत अब इटली, नॉर्वे, कोरिया और चीन जैसे देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जो इस प्रकार के उपकरण डिजाइन और निर्माण करते हैं।
इससे हाई स्पीड रेलवे निर्माण कार्य में तेजी आएगी, जैसा कि मेट्रो और अन्य परियोजनाओं में सिद्ध हुआ है। मुंबई से अहमदाबाद के बीच 508 किमी कॉरिडोर में से 325 किमी (गुजरात में) पर कार्य शुरू हो चुका है। गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में 97% से अधिक भूमि अधिग्रहण हो चुका है तथा महाराष्ट्र में 30% भूमि अधिग्रहण हुआ है।
यह परियोजना रेल निर्माण तकनीकों में कौशल विकास को बढ़ावा देगी। जापानी विशेषज्ञ एनएचएसआरसीएल कर्मचारियों और ठेकेदारों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। वर्तमान में 6000 से अधिक श्रमिक विभिन्न निर्माण स्थलों पर कार्यरत हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि यह परियोजना 90,000 से अधिक रोजगार उत्पन्न करेगी, जिसमें 51,000 तकनीशियन, कुशल और अकुशल श्रमिक शामिल हैं। इस परियोजना से 7.5 मिलियन टन सीमेंट, 2.1 मिलियन टन स्टील और 70,000 टन स्ट्रक्चरल स्टील का उपयोग होगा, जिससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
एनएचएसआरसीएल सात अन्य हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए डीपीआर भी तैयार कर रहा है। इस परियोजना के अनुभव से भविष्य की परियोजनाएं तेजी से पूरी होंगी।
508 किमी लंबे वायाडक्ट के निर्माण के लिए फुल स्पैन लॉन्चिंग मेथड (FSLM) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे गर्डर को एक ही यूनिट में तेजी से स्थापित किया जा सकेगा।
PSC बॉक्स गर्डर (700–975 टन) का उपयोग किया जाएगा, जिसमें 40 मीटर लंबाई का 975 टन वजन वाला गर्डर भारत में पहली बार उपयोग होगा।
इसके लिए वलसाड से अहमदाबाद तक 325 किमी वायाडक्ट निर्माण हेतु 20 लॉन्चिंग उपकरण तैनात किए जाएंगे।
अतिरिक्त विवरण:
- 325 किमी कॉरिडोर पर कार्य शुरू हो चुका है
- गुजरात और डीएनएच में 97% से अधिक भूमि अधिग्रहण
- 6000 से अधिक श्रमिक कार्यरत
- 90,000 से अधिक रोजगार सृजन
- 7.5 मिलियन टन सीमेंट, 2.1 मिलियन टन स्टील उपयोग
- 7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए डीपीआर तैयार
संलग्नक:
- स्ट्रैडल कैरियर और गर्डर ट्रांसपोर्टर की तकनीकी जानकारी
- कार्यक्रम के फोटो
STRADDLE CARRIER
यह उपकरण फुल स्पैन प्रीकास्ट गर्डर को कास्टिंग बेड से स्टैकिंग यार्ड तक ले जाने और आगे ब्रिज गैन्ट्री को फीड करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह 1100 एमटी क्षमता वाला टायर माउंटेड सेल्फ-प्रोपेल्ड गैन्ट्री क्रेन है।
तकनीकी पैरामीटर:
| स्व-वजन |
845 टन |
| आयाम |
52.5 x 37.0 x 21.9 मीटर |
| गति |
लोड के साथ 1 किमी/घंटा, बिना लोड 2 किमी/घंटा |
| उठाने की गति |
0.5 मी/मिनट (लोड), 1.5 मी/मिनट (बिना लोड) |
| टायर |
80 (20 x 4) |
| व्हील व्यास |
1.82 मीटर |
| घटक स्रोत |
भारत (85%), जर्मनी, स्पेन, ऑस्ट्रिया (15%) |
GIRDER TRANSPORTER
यह उपकरण फुल स्पैन प्रीकास्ट गर्डर को ब्रिज गैन्ट्री से उठाकर एरेक्शन स्थल तक ले जाने के लिए उपयोग किया जाता है। यह 1100 एमटी क्षमता वाला 27 एक्सल टायर माउंटेड ट्रॉली है।
तकनीकी पैरामीटर:
| स्व-वजन |
387 टन |
| आयाम |
58.5 x 8.5 x 3.5 मीटर |
| गति |
लोड के साथ 5 किमी/घंटा, बिना लोड 10 किमी/घंटा |
| टायर |
216 (27 x 2 x 4) |
| एक्सल |
27, 55 टन प्रति एक्सल |
| घटक स्रोत |
भारत (85%), जर्मनी, स्पेन, ऑस्ट्रिया (15%) |
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