NHSRCL ने अहमदाबाद के चेनपुर और रोपड़ा गांवों की 23 महिलाओं को उनकी आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सिलाई मशीनें भेंट कीं। (अंग्रेजी, हिंदी और गुजराती में उपलब्ध)
प्रकाशन तिथि: 06-03-2020

इस कार्यक्रम में NHSRCL के डायरेक्टर (प्रोजेक्ट) श्री राजेंद्र प्रसाद, एडवाइजर सिविल अहमदाबाद श्री अजीत पंडित, RSETI इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर, रोपड़ा गांव के ग्राम सरपंच, NHSRCL के अधिकारी और प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों के सदस्य शामिल हुए।

इस मौके पर NHSRCL के डायरेक्टर (प्रोजेक्ट) श्री राजेंद्र प्रसाद ने कहा, “NHSRCL प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों की आजीविका बेहतर बनाने में मदद करने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठा रहा है। इसके लिए कॉरिडोर के आस-पास कई तरह के स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सिलाई और कढ़ाई का कोर्स शुरू किया गया था। आज सिलाई मशीनें बांटना इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। NHSRCL इसी तरह से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है।”

प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों के लिए चलाए जा रहे ‘इनकम रेस्टोरेशन प्रोग्राम’ के तहत, नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने ‘रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ (RSETI) के साथ मिलकर अहमदाबाद के चेनपुर और रोपड़ा गांवों की महिलाओं के लिए एक महीने का ‘सिलाई और कढ़ाई’ कोर्स आयोजित किया था। इन कोर्स को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि महिलाओं में नए कौशल विकसित हों और वे अपनी कमाई कर सकें।

इन महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वतंत्र बनाने के लिए, आज रोपड़ा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में 23 सिलाई मशीनें बांटी गईं। इस कार्यक्रम में प्रोजेक्ट से प्रभावित 100 से ज़्यादा लोग, उनके परिवार के सदस्य और दोस्त भी मौजूद थे। NHSRCL ने इस मौके का इस्तेमाल प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों से दोबारा जुड़ने के लिए किया और उन्हें ‘मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट’ से मिलने वाले उनके अधिकारों और फायदों के बारे में जानकारी दी।

NHSRCL की ज़मीन अधिग्रहण प्रक्रिया सिर्फ़ मुआवज़ा देने या R&R (पुनर्वास और पुनर्स्थापन) सहायता देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्किल डेवलपमेंट, आजीविका सुधार के लिए ट्रेनिंग देना, और प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा करना भी शामिल है। यह सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर लोगों से संपर्क किया जा रहा है कि प्रोजेक्ट से प्रभावित सभी लोगों (PAPs) को उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूरी जानकारी हो और उन्हें इसमें शामिल होने का पूरा मौका मिले।

इन ट्रेनिंग प्रोग्राम से 200 से ज़्यादा लोगों को फायदा हुआ है। इनमें से कुछ लोगों को नौकरी मिल गई है, जबकि कुछ लोगों ने अपना खुद का काम-धंधा शुरू कर दिया है।

MAHSR कॉरिडोर के आस-पास के कई गांवों में इसी तरह के और भी कई ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। इनमें मोबाइल रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर, बाइक रिपेयरिंग, इलेक्ट्रीशियन आदि से जुड़े कोर्स शामिल हैं।

कॉरिडोर के विभिन्न ज़िलों में मौजूद ट्रेनिंग संस्थानों और ट्रेनिंग प्रोग्राम की सूची, इन ट्रेनिंग में हिस्सा लेने के लिए आवेदन फ़ॉर्म और NHSRCL के ज़िम्मेदार अधिकारियों की संपर्क जानकारी हमारी आधिकारिक वेबसाइट: www.nhsrcl.in पर उपलब्ध है।

RSETI का मतलब है ग्रामीण स्वरोज़गार प्रशिक्षण संस्थान। यह ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) की एक पहल है, जिसका उद्देश्य देश के हर ज़िले में एक समर्पित इंफ़्रास्ट्रक्चर तैयार करना है, ताकि ग्रामीण युवाओं को ट्रेनिंग दी जा सके और उनके कौशल को बेहतर बनाया जा सके, जिससे उनमें उद्यमिता का विकास हो सके। RSETI का प्रबंधन बैंकों द्वारा किया जाता है, जिसमें भारत सरकार और राज्य सरकारों का सक्रिय सहयोग मिलता है।




श्रीमती सुषमा गौड
महाप्रबंधक,
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श्रीमती पूजा सिंह
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