प्रकाशन तिथि: Tue, 23/04/2019 - 00:00
अनुबंध का विवरण: MAHSR-C-2 – मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए सुरंग निर्माण कार्य
अनुबंध का नाम: मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना (पैकेज संख्या MAHSR-C-2) के लिए टनल बोरिंग मशीन (TBM) और न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) का उपयोग करके डबल लाइन हाई स्पीड रेलवे के लिए सुरंग निर्माण कार्यों का निर्माण, जिसमें परीक्षण और कमीशनिंग भी शामिल है।
एलाइनमेंट: महाराष्ट्र राज्य में बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (MAHSR Km. 0.773) स्थित मुंबई भूमिगत स्टेशन और शिलफाटा (MAHSR Km. 21.150) के बीच।
पूरा होने की अवधि: 1280 दिन (लगभग 3.5 वर्ष)।
भू-तकनीकी जांच:
समुद्र के नीचे के सुरंग खंड के लिए भू-तकनीकी जांच करने हेतु स्टैटिक रिफ्रैक्शन तकनीक (SRT सर्वेक्षण) का उपयोग किया गया था।
सर्वे का फ़ाइनल रिपोर्ट पिछले साल जमा किया गया था।
SRT सर्वे से जुड़ा एक वीडियो यहाँ देखा जा सकता है: यहाँ क्लिक करें
पर्यावरण मंज़ूरियाँ:
भारत की सबसे बड़ी संस्थाओं, यानी भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI), भारतीय मैंग्रोव सर्वेक्षण (MSI), और राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान (NIO) ने प्रभावित इलाके में प्रोजेक्ट के पर्यावरण पर पड़ने वाले असर का आकलन करने के लिए अध्ययन किए हैं।
- ZSI ने बताया है कि इस इलाके में वन्यजीवों को बहुत कम नुकसान पहुँचा है।
- कोई भी मैंग्रोव नहीं काटा जाएगा, क्योंकि सुरंग ज़मीन/समुद्र तल से 20–40 मीटर नीचे से गुज़रेगी।
तमाम संबंधित अधिकारियों, जिनमें तटीय विनियमन प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड और वन विभाग शामिल हैं, से सभी पर्यावरण मंज़ूरियाँ या तो मिल गई हैं या उन्हें सैद्धांतिक मंज़ूरी मिल चुकी है।
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