प्रकाशन तिथि: 10-07-2025
9 जुलाई 2025 को, महाराष्ट्र में बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) और शिलफाटा के बीच बनाई जा रही 21 km लंबी सुरंग में पहली सफलता मिली। इसके साथ ही, 2.7 km लंबे लगातार सुरंग हिस्से का काम सफलतापूर्वक पूरा हो गया।
कुल 21 km लंबी सुरंग में से, 5 km हिस्सा शिलफाटा और घनसोली के बीच 'न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड' (NATM) का इस्तेमाल करके बनाया जा रहा है, जबकि बाकी 16 km हिस्सा 'टनल बोरिंग मशीनों' (TBMs) का इस्तेमाल करके बनाया जाएगा। इस सुरंग में ठाणे क्रीक के नीचे 7 km लंबा समुद्री हिस्सा भी शामिल है।
NATM वाले हिस्से में सुरंग बनाने का काम तेज़ी से करने के लिए, एक 'एडिशनलली ड्रिवेन इंटरमीडिएट टनल' (ADIT) बनाई गई थी। इससे घनसोली और शिलफाटा, दोनों तरफ एक साथ खुदाई का काम किया जा सका।
अब तक, शिल्फाटा की तरफ से लगभग 1.62 km की खुदाई हो चुकी है, और NATM सेक्शन में कुल प्रगति लगभग 4.3 km है।
साइट पर सुरक्षा के व्यापक उपाय लागू किए गए हैं, जिनमें ग्राउंड सेटलमेंट मार्कर, पीज़ोमीटर, इनक्लिनोमीटर, स्ट्रेन गेज और बायोमेट्रिक एक्सेस कंट्रोल सिस्टम शामिल हैं, ताकि आस-पास की इमारतों को नुकसान पहुँचाए बिना सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से टनलिंग का काम किया जा सके।
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