प्रकाशन तिथि: 03-05-2025
बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में स्थित मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन, मुंबई-अहमदाबाद HSR कॉरिडोर पर एकमात्र भूमिगत (अंडरग्राउंड) स्टेशन है।
प्लेटफ़ॉर्म को ज़मीन के स्तर से लगभग 26 मीटर की गहराई पर बनाने की योजना है। इसमें तीन मंज़िलें होंगी, जिनमें प्लेटफ़ॉर्म, कॉनकोर्स और सर्विस फ़्लोर शामिल हैं। इस काम के लिए ज़मीन के स्तर से 32 मीटर (लगभग 100 फ़ीट) की गहराई तक खुदाई की जा रही है, जो कि 10-मंज़िला इमारत की ऊँचाई के बराबर है।
इस स्टेशन पर 6 प्लेटफ़ॉर्म होंगे और हर प्लेटफ़ॉर्म की लंबाई लगभग 415 मीटर होगी (जो 16 कोच वाली बुलेट ट्रेन को खड़ा करने के लिए काफ़ी है)। इस स्टेशन की मेट्रो और सड़क मार्ग से कनेक्टिविटी होगी।
यहाँ दो एंट्री/एग्ज़िट पॉइंट बनाने की योजना है—एक, पास के मेट्रो लाइन 2B स्टेशन तक पहुँचने में आसानी के लिए; और दूसरा, MTNL बिल्डिंग की तरफ़।
इस स्टेशन की योजना इस तरह बनाई गई है कि कॉनकोर्स और प्लेटफ़ॉर्म के स्तर पर यात्रियों की आवाजाही और सुविधाओं के लिए काफ़ी जगह उपलब्ध हो।
प्राकृतिक रोशनी के लिए, यहाँ विशेष रूप से स्काईलाइट (छत में रोशनी के लिए बनी खिड़की) की व्यवस्था की गई है।
अब तक की प्रगति
खुदाई का लगभग 76% काम (यानी 14.2 लाख क्यूबिक मीटर) पूरा हो चुका है। इस जगह से कुल 18.7 लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी की खुदाई की जानी है।
साइट पर 120 क्यूबिक मीटर प्रति घंटे की क्षमता वाले तीन बैचिंग प्लांट काम कर रहे हैं। इन बैचिंग प्लांट के साथ आइस प्लांट और चिलर प्लांट भी लगाए गए हैं, जो कंक्रीट के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
साइट पर एक आधुनिक कंक्रीट लैब भी बनाई गई है, जिसमें 'वॉटर परमीएबिलिटी टेस्ट' (जल-पारगम्यता परीक्षण), 'रैपिड क्लोराइड पेनिट्रेशन टेस्ट' जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। कंक्रीट से जुड़े सभी परीक्षण यहीं साइट पर ही किए जाते हैं, और समय-समय पर इसके नमूने (सैंपल) जाँच के लिए किसी प्रतिष्ठित लैब में भी भेजे जाते हैं।
निर्माण कार्य में बेस स्लैब के लिए M-60 ग्रेड के कंक्रीट का, और खंभों (कॉलम) के लिए M-80 ग्रेड के कंक्रीट का इस्तेमाल किया जाएगा। बेस स्लैब ही बुलेट ट्रेन स्टेशन के निर्माण का सबसे निचला (गहराई वाला) स्तर होगा। अकेले बेस स्लैब की ढलाई के लिए ही लगभग 2 लाख क्यूबिक मीटर कंक्रीट की ज़रूरत पड़ेगी।
अब तक 27,000 घन मीटर कंक्रीट डाला जा चुका है। बेस स्लैब को M-60 ग्रेड के तापमान-नियंत्रित कंक्रीट से ढाला जा रहा है। प्रत्येक बेस स्लैब को ढालने के लिए नियंत्रित तापमान पर 3000 से 4000 घन मीटर कंक्रीट की आवश्यकता होती है, जिसे साइट पर ही लगे बैचिंग प्लांट और चिलर प्लांट द्वारा तैयार किया जा रहा है। साइट के लिए 100% सीकैंट पाइलिंग (3384 नग), कैपिंग बीम (2203 रनिंग मीटर) और फ्लड वॉल (2078 रनिंग मीटर) का काम पहले ही पूरा हो चुका है।