मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना
प्रकाशन तिथि: 21-04-2025
  • कुल लंबाई: 508 km (गुजरात और DNH: 352 km, महाराष्ट्र: 156 km)
  • प्लान किए गए स्टेशन: मुंबई, ठाणे, विरार, बोईसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद, साबरमती
  • स्थिति (18 अप्रैल 2025 तक)
    • वायाडक्ट का निर्माण: 293 km
    • पियर का काम: 375 km
    • पियर की नींव: 394 km
    • गर्डर कास्टिंग: 320 km
  • पूरे हुए पुल: 14 नदियों पर पुल पूरे हो चुके हैं, जैसे: पार (वलसाड ज़िला), पूर्णा (नवसारी ज़िला), मिंधोला (नवसारी ज़िला), अंबिका (नवसारी ज़िला), औरंगा (वलसाड ज़िला), वेन्गानिया (नवसारी ज़िला), मोहर (खेड़ा ज़िला), ढाढर (वडोदरा ज़िला), कोलाक नदी (वलसाड ज़िला), वात्रक नदी (खेड़ा ज़िला), कावेरी नदी (नवसारी ज़िला), खरेरा (नवसारी ज़िला), मेश्वा (खेड़ा ज़िला) और किम (सूरत ज़िला)
  • सात स्टील पुल और पाँच PSC (प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट) पुल पूरे हो चुके हैं
  • गुजरात में वायाडक्ट पर नॉइज़ बैरियर लगाने का काम चल रहा है। 150 km के हिस्से में लगभग 3 लाख नॉइज़ बैरियर लगाए जा चुके हैं
  • गुजरात में अब तक लगभग 143 km ट्रैक बेड का निर्माण पूरा हो चुका है। वायाडक्ट पर रेल की वेल्डिंग करके 200 m लंबे पैनल बनाने का काम भी चल रहा है
  • गुजरात में ओवरहेड इक्विपमेंट मास्ट (OHE) लगाने का काम चल रहा है। सूरत-बिलिमोरा बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच 100 से ज़्यादा OHE मास्ट लगाए जा चुके हैं, जो मेनलाइन वायाडक्ट के लगभग 2 km हिस्से को कवर करते हैं
  • महाराष्ट्र में BKC और शिलफाटा के बीच 21 km लंबी सुरंग पर काम चल रहा है। लगभग
3.3 km सुरंग की खुदाई (टनल हेडिंग) का काम, शिल्फाटा और ADIT पोर्टल से दो समानांतर दिशाओं से, 'न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड' (NATM) का इस्तेमाल करके पूरा कर लिया गया है। विक्रोली और सावली, दोनों शाफ़्ट अपनी ज़रूरी गहराई तक पहुँच गए हैं, जो क्रमशः 56 मीटर और 39 मीटर है। महाराष्ट्र के पालघर ज़िले में NATM तरीके से सात पहाड़ी सुरंगों का निर्माण कार्य चल रहा है। गुजरात में आठ में से छह स्टेशनों का ढांचागत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। तीनों एलिवेटेड (ऊँचे) स्टेशनों पर काम शुरू हो गया है। महाराष्ट्र में मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन के लिए 'बेस स्लैब' (नींव का आधार) बनाने का काम चल रहा है, जिसके लिए लगभग 75% खुदाई का काम (यानी 14 लाख क्यूबिक मीटर) पूरा हो चुका है। इस जगह से कुल 18,72,263 क्यूबिक मीटर मिट्टी की खुदाई की जानी है। बेस स्लैब ही बुलेट ट्रेन स्टेशन का सबसे निचला निर्माण स्तर होगा। सिर्फ़ बेस स्लैब बनाने के लिए ही लगभग 2,00,000 क्यूबिक मीटर कंक्रीट की ज़रूरत पड़ेगी। अब तक 25,000 क्यूबिक मीटर कंक्रीट डाला जा चुका है। हर बेस स्लैब बनाने के लिए नियंत्रित तापमान पर 3,000 से 4,000 क्यूबिक मीटर कंक्रीट की ज़रूरत होती है, जिसे साइट पर ही लगे बैचिंग प्लांट और चिलर प्लांट में तैयार किया जा रहा है। इस साइट के लिए 100% 'सेकेंट पाइलिंग' (3,384 पाइल) का काम पहले ही पूरा हो चुका है।

संबंधित चित्र



मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन - मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए खुदाई और स्लैब सुदृढीकरण का कार्य प्रगति पर है।
मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन - मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए खुदाई और स्लैब सुदृढीकरण का कार्य प्रगति पर है।

श्रीमती सुषमा गौड
महाप्रबंधक,
जन संपर्क
ईमेल: gm.pr@nhsrcl.in
फोन: 011-26700000/01
श्री निशांक भानु
वरिष्ठ प्रबंधक,
विपणन और संचार
ईमेल: mgr.pr@nhsrcl.in
फोन: 011-26700000/01
श्रीमती पूजा सिंह
सहायक प्रबंधक,
जन संपर्क
ईमेल: am1.pr@nhsrcl.in
फोन: 011-26700000/01
×