प्रकाशन तिथि: 13-01-2026
यह बुलेट ट्रेन परियोजना की पहली इमारत है जिसे यह ग्रीन सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है
गुजरात के साबरमती में स्थित हाई-स्पीड रेल मल्टी-मोडल हब ने भारतीय ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) की “गोल्ड रेटिंग” प्राप्त की है, जो भारत के हाई-स्पीड रेल क्षेत्र में सतत अवसंरचना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना से जुड़ी पहली इमारत है जिसे यह प्रतिष्ठित IGBC ग्रीन सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है।
IGBC भारत की प्रमुख ग्रीन बिल्डिंग प्रमाणन संस्था है और वर्ल्ड ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल की संस्थापक सदस्य है, जो सततता, ग्रीन कॉन्सेप्ट और तकनीकों को बढ़ावा देती है।
यह अत्याधुनिक भवन साबरमती रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, निर्माणाधीन साबरमती बुलेट ट्रेन स्टेशन और बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (BRTS) के साथ सहज कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए निर्मित किया गया है। इस संरचना के बाहरी हिस्से (फैसाड) पर स्टेनलेस स्टील से बना एक बड़ा भित्ति चित्र (म्यूरल) है, जो दांडी मार्च आंदोलन को दर्शाता है।
इस भवन को विभिन्न ग्रीन बिल्डिंग विशेषताओं के साथ डिजाइन किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- छतों पर सोलर पैनल, विस्तृत लैंडस्केप टेरेस और गार्डन, जल दक्ष फिक्स्चर, ऊर्जा दक्ष एयर कंडीशनिंग और लाइटिंग सिस्टम
- ऊर्जा-कुशल लाइटिंग और विद्युत प्रणालियाँ
- प्रमाणित ग्रीन बिल्डिंग सामग्री का उपयोग
- सतत वास्तुशिल्प डिजाइन
- कम जल प्रवाह वाले प्लंबिंग फिक्स्चर और वर्षा जल प्रबंधन
- प्रभावी कचरा प्रबंधन प्रणाली, कचरे का पृथक्करण
- प्राकृतिक प्रकाश और वेंटिलेशन का अनुकूलन
यह भवन साबरमती बुलेट ट्रेन स्टेशन के पूर्वी हिस्से में स्थित है और तीन फुट ओवरब्रिज (FOB) के साथ एकीकृत है, जिनमें ट्रैवलेटर की सुविधा है। ये FOB साबरमती बुलेट ट्रेन स्टेशन, साबरमती रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और BRTS के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं।
यह एक ट्विन स्ट्रक्चर है जिसमें कार्यालय, वाणिज्यिक विकास और रिटेल के लिए स्थान निर्धारित किया गया है। तीसरी मंजिल पर एक आकर्षक कॉन्कोर्स में यात्रियों की सुविधा के लिए वेटिंग लाउंज, रिटेल विकल्प और रेस्टोरेंट उपलब्ध हैं।
इस उपलब्धि के साथ, हाई-स्पीड रेल मल्टी-मोडल हब सतत परिवहन अवसंरचना के लिए एक नया मानक स्थापित करता है, जो पर्यावरणीय प्रभाव को कम करते हुए यात्री अनुभव को बेहतर बनाता है।
मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति: 11 जनवरी 2026 तक
- कॉरिडोर की कुल लंबाई: 508 किमी (गुजरात एवं दादरा और नगर हवेली: 352 किमी, महाराष्ट्र: 156 किमी)
- 12 थीमैटिक रूप से डिजाइन किए गए बुलेट ट्रेन स्टेशन (साबरमती, अहमदाबाद, आनंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी – गुजरात में तथा बोइसर, विरार, ठाणे और मुंबई – महाराष्ट्र में)
- 508 किमी में से 332 किमी वायाडक्ट और 415 किमी पियर कार्य पूर्ण
- 17 नदी पुल, 05 पीएससी (प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट) और 12 स्टील ब्रिज पूर्ण
- 245 किमी खंड में 4.9 लाख से अधिक नॉइज़ बैरियर लगाए गए
- 292 ट्रैक किमी (146 रूट किमी) आरसी ट्रैक बेड निर्माण पूर्ण
- मुख्य वायाडक्ट के लगभग 111 रूट किमी पर लगभग 4800 OHE मस्त स्थापित
- पालघर जिले (महाराष्ट्र) में 7 माउंटेन टनलों में से पहली टनल का ब्रेकथ्रू पूर्ण, अन्य 6 टनलों पर कार्य प्रगति पर
- BKC से शिलफाटा (महाराष्ट्र) के बीच 21 किमी NATM टनल में से 5 किमी खुदाई पूर्ण
- सूरत और अहमदाबाद में रोलिंग स्टॉक डिपो का निर्माण कार्य प्रगति पर
- गुजरात के सभी स्टेशनों पर सुपर-स्ट्रक्चर कार्य उन्नत चरण में
- महाराष्ट्र में तीनों एलिवेटेड स्टेशनों पर कार्य प्रारंभ तथा मुंबई अंडरग्राउंड स्टेशन पर बेस स्लैब कास्टिंग जारी
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