बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए साबरमती रोलिंग स्टॉक डिपो – स्थिरता और दक्षता का एक उदाहरण
प्रकाशन तिथि: 26-04-2024

बुनियादी ढांचे में क्रांति!

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट, जो आधुनिक बुनियादी ढांचे का प्रतीक है, साबरमती रोलिंग स्टॉक डिपो के विकास के साथ स्थिरता और दक्षता के एक नए युग की शुरुआत करने के लिए तैयार है।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की परिचालन ज़रूरतों के साथ सहज रूप से जुड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया, साबरमती रोलिंग स्टॉक डिपो में अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य ट्रेनसेट का हल्का और भारी, दोनों तरह का रखरखाव करना है। 83 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में फैला यह डिपो, तीनों डिपो में सबसे बड़ा है और इसमें निरीक्षण बे, वॉशिंग प्लांट, वर्कशॉप, शेड और स्टेबलिंग लाइन सहित अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं। साबरमती डिपो नवाचार का एक प्रतीक है, जिसने जापान के डिपो से प्रेरणा ली है।

इस डिपो में 4 (चार) निरीक्षण लाइनें और 10 स्टेबलिंग लाइनें हैं, और भविष्य में इनका विस्तार करके 8 (आठ) निरीक्षण लाइनें और 29 स्टेबलिंग लाइनें बनाने की योजना है। इसके अलावा, व्यापक रखरखाव क्षमताओं को सुनिश्चित करने के लिए बोगी एक्सचेंज लाइनें और सामान्य निरीक्षण लाइनें जैसी विशेष सुविधाएं भी इसमें शामिल की गई हैं।

साबरमती रोलिंग स्टॉक डिपो की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • ट्रेनसेट के ओवरहॉल के बाद परीक्षण के लिए एक समर्पित टेस्ट ट्रैक, जो मुख्य लाइन पर तैनात करने से पहले उनके इष्टतम प्रदर्शन को सुनिश्चित करता है।
  • अभूतपूर्व पैमाने के औद्योगिक शेड, जो रखरखाव और ओवरहॉल गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह प्रदान करते हैं।
  • कुशल ट्रेन शंटिंग कार्यों और समग्र डिपो प्रबंधन के लिए केंद्रीकृत नियंत्रण सुविधाएं।
  • भोजन कक्ष और कैंटीन से लेकर ऑडिटोरियम और प्रशिक्षण सुविधाओं तक, यह डिपो कर्मचारियों और कर्मियों के लिए एक समग्र वातावरण प्रदान करता है।

स्थायी प्रथाओं के अनुरूप, साबरमती डिपो में वर्षा जल संचयन और अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण जैसी पर्यावरण-अनुकूल पहलें शामिल हैं। छत पर बारिश का पानी जमा करने (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) और बोरवेल के पानी से डिपो की पानी की ज़रूरतें पूरी होंगी, जबकि आधुनिक सीवेज और अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (effluent treatment plants) कचरे का ज़िम्मेदार प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे।

इसके अलावा, डिपो ट्रेनों के अंदर और डिपो परिसर के भीतर पैदा होने वाले कचरे को अलग करने, उसे दबाकर कम करने (compaction) और उसका सही तरीके से निपटारा करने के लिए पूरी तरह तैयार है; यह पर्यावरण को बचाने के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दिखाता है।

डिपो के शेड और इमारतें इस तरह से डिज़ाइन की जा रही हैं कि भविष्य में उन पर सोलर पैनल लगाए जा सकें। अकेले साबरमती डिपो में ही लगभग 14 MW सौर ऊर्जा पैदा करने की क्षमता होगी।

भविष्य की सोच के साथ, साबरमती रोलिंग स्टॉक डिपो न केवल तकनीकी कुशलता का एक उदाहरण है, बल्कि यह टिकाऊ बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक खाका भी है। जैसे-जैसे निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा, यह डिपो मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की सफलता में एक अहम भूमिका निभाएगा, और दक्षता, विश्वसनीयता तथा पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी के नए मानक स्थापित करेगा।

साबरमती रोलिंग स्टॉक डिपो पर निर्माण कार्य की ताज़ा जानकारी

  • डिपो के लिए ज़मीन समतल करने का काम (Earthwork) पूरा हो चुका है।
  • प्रशासनिक भवन के लिए नींव और RCC (कंक्रीट) का काम चल रहा है।

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साबरमती रोलिंग स्टॉक डिपो का लेआउट

श्रीमती सुषमा गौड
महाप्रबंधक,
जन संपर्क
ईमेल: gm.pr@nhsrcl.in
फोन: 011-26700000/01
श्री निशांक भानु
वरिष्ठ प्रबंधक,
विपणन और संचार
ईमेल: mgr.pr@nhsrcl.in
फोन: 011-26700000/01
श्रीमती पूजा सिंह
सहायक प्रबंधक,
जन संपर्क
ईमेल: am1.pr@nhsrcl.in
फोन: 011-26700000/01
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